
अपनी शक्ल से जो जाहिर है मिटाए कैसे
0, March 30, 2010
अपनी शक्ल से जो जाहिर है मिटाए कैसे
तुम्हे जैसा चाहिए नज़र आए कैसे
घर सजाने की बात तो बहुत दूर की है
पहले यह तय हो की इस घर को बचाए कैसे
अपनी शक्ल से जो जाहिर है मिटाए कैसे
तुम्हे जैसा चाहिए नज़र आए कैसे
लाख तलबारे आती हो गले की तरफ
सिर झुकना नही आता झुकाए कैसे
पूल से रंग जुदा होना कोई खेल नही
अपने प्यार को मिटा के जाए कैसे
अपनी शक्ल से जो जाहिर है मिटाए कैसे
तुम्हे जैसा चाहिए नज़र आए कैसे
