
एक और बार
आज प्यार हुआ एक और बार, आज दिल दिया एक और बार
जिंदगी ने फिर गले लगाया, और इकरार हुआ एक और बार
हम ने इस बार सोच ही लिया था की नही करेंगे प्यार अब किसी से
पर जिंदगी ने ली करवट कैसी, की मौसम हुआ खुशनुमा एक और बार
कल रात एक सपना देखा था, जब जल गयी दिल की लौ फिर से
आज सोच कर ही सोएंगे की फिर देखेंगे वो सपना एक और बार
ये दिल भी पागल है क्यूंकी सोचता नही प्यार करने के पहले
और आज दिल फिर फिशला है हाथों से एक और बार
सुबह उठ कर मिला मैं जब उनसे तो कह डाला अपना हाल
तो वो कहने लगे हमसे तुम पागल हो गये हो एक और बार
आज हम बहुत खुश हैं शायद या कर रहे हैं कोशिश खुश रहने की
पर क्या फ़र्क पड़ता है सबको क्यूंकी हम शायद खुश हुए एक और बार
अब उनको भी तो खुश रखना है हमें और करना है उनके सपनो को पूरा
तो सोच ही लिया आज हमने कोशिश कर के, कर ही लेंगे प्यार एक और बार
क्या हुआ अगर नही हुआ एक मीठा सा सपना पूरा हमारा और उनका
हम फिर से देखेंगे नया सपना और करेंगे पूरा एक और बार.
आज सुबह फिर थोड़ा सा दिल मचल गया था मिलने को उनको
शायद दिल भी समझने लगा है की प्यार हुआ एक और बार
यूँ तो हम शायर नही है जो लिख देते हैं अपनी दास्तान कागज पर
पर शायद आज उनकी चाहत में लिख दिया हुँने एक और बार
शायद वो भी खुश ही होंगे हमसे बहुत और ना होंगे परेशान
क्यूंकी आज फिर जिंदगी को लिखेंगे दुबारा से एक और बार
क्यूँ हम करते हैं उन लोगों को परेशान जो करते हैं हमसे प्यार
शायद दिल सीखना चाहता है एक सबक जिस से ना हो प्यार एक और बार
आज यकीन दिलाते है हम उन्हे और करते हैं ये वादा उनसे
की ना करेंगे परेशान अब उनको और ना करेंगे प्यार एक और बार
