
जब याद मेरी आए तो रुकना मत
0, March 29, 2010
जब याद मेरी आए तो रुकना मत,
मेरे पास लौट आना,
जब रत का दिया बुझ जाए और कुछ साफ नज़र ना आए,
तो डरना मत मेरे पास लौट आना,
जब बिन बदल बरसात हो जाए,
जब सांस की दूरी टूटे और तुम्हें अपना कोई लूटे,
तो मायूस मत होना मेरे पास लौट आना,
जब दिल तुम्हारा टूटे और किसी का साथ तुमसे छूटे,
तुम्हारे अरमान भी कोई लूटे,
तो आँसू मत बहाना मेरे पास लौट आना,
अपनी खुशी से छोड़ के गये हो तुम,
मेरे ज़ज्बात, प्यार, ऐतबार को तोड़ के गये हो तुम,
फिर भी मेरी याद अगर आए और आँखे भर आएँ,
तो सरमिंदा मत होना मेरे पास लौट आना.
