
ये इश्क तेरे अंत पर रोना आया
0, March 30, 2010
ये इश्क तेरे अंत पर रोना आया
पता नही क्यो तेरे नाम पर रोना आया
बैसे तो हर रात यादो मे गुजर जाती थी
आज कुछ बात है ,जो रात पर रोना आया
कभी मुक्कदर का दुख ,कभी दुनिया का गम
मंजिले-इश्क के हर गम पे रोना आया
जब हुई बात जमाने मे मोहब्बत की सानू
मुझको अपने दिले नाकाम पे रोना आया
ये इश्क तेरे अंत पर रोना आया
पता नही क्यो तेरे नाम पर रोना आया
