Archive for the ‘शेर-ओ-शायरी’ Category

आज किसी ना कहा हमसे की क्या कुछ लिखोगे हमारे लिए भी
थोड़ा सोचा हमने की क्या लिख पाएँगे हम उनके लिए कभी

हमने पूछा अपने आप से पहले क्या जानते हैं हम हर बात उनकी
तो दिल ने कहा की क्या जानना उनके बारे में खुदा है तस्वीर जिनकी

क्या हो गया है मुझे अब उनका चेहेरा अब नज़र से हटता ही नही
हो गया है प्यार अब उनसे क्यूंकी अब तो रात को भी नींद आती नही

सवेरे सवेरे सबसे पहला ख़याल उन्ही का होता है पहली किरण के साथ
शाम भी होती है अब उनके इंतेजार में चाहे ना वो हमारे साथ

आज क्यूँ लगा ऐसा की जैसे कोई हमारा दिल वापिस कर गया
कह गया की हम नही इस लायक इसलिए ये मकान खाली कर गया

ना जाने इस जिंदगी के सफ़र में क्या रुक पाएँगे कभी
शायद चलना है जिंदगी भर और ना ख़तम होगा इंतेजार कभी

पता नही किस रास्ते जाना है
कहाँ अपनी मंज़िल और कहाँ ठिकाना है

राह भी तो सॉफ नज़र नही आती
बिन जाने ही सही पर चलते जाना है

इंतजार है कोई आए, हमारा हमराह बने
हमारी ज़िंदगी भी किसी की चाह बने

आ गया है कोई हमारा ऐसा लगता है
हमने उसे ही अपना हमकदम माना है

जब राह चुनने की बारी आई
साथ चुनने की बारी आई

उन्ही के साथ चलने लगे हम
बिन जाने किस रास्ते जाना है

जहाँ कहता है मंज़िल के बिना ज़िंदगी नही होती
बिन चाहत के कभी बंदगी नही होती

हमने अपनी मंज़िल से कहा हमारे लिए रुकना
उसने कहा तुम रूको, हमें जाना है

उनसे क्या कहें क्या चाहत है हमारी
क्या हम माँगते हैं क्या इबादत है हमारी

उन्हे ही तो हम ये बता नही पाते
उनकी खुशी ही तो राहत है हमारी

दिल के दरिया मे हर गम डूब जाना चाहता है
मुसकराना अब हमारा दिल भी चाहता है

वो पूछते हैं और क्या चाहते हो
उनकी खुशी मे ही मुस्कुराना तो आदत है हमारी

जाने कब ये इलतेजा होगी पूरी
कब मिटेगी हमसे उनकी ये दूरी

मिलने का इंतेज़ार हमेशा दिल करता है
दिल की एक यही हसरत है हुमारी

जब कभी उनका साया भी पास होता है
धूप मे भी छाँव का एहसास होता है

उनकी परछाई मे छुपने की कोशिश करते हैं
उनमे खोना ही बस अब चाहत है हमारी

वो देते हैं हमारा साथ हमेशा चाहे हम हो उनसे खफा या परेशान
जान ही लाते है हमारी मजबूरियों को वो अक्सर जैसे खुदा वो हम पर मेहरबान

कल जब हमने अपने दिल का हाल सुनाया उनको तो निकल पड़े थे उनके दिल से आंशू
एक वो ही तो है जिन्होने नही छोड़ा साथ कभी हमारा जब निकले थे हुमारे भी आंशू

आज लिखे ये अल्फ़ाज़ हमने सिर्फ़ उनके लिए क्यूंकी कल किया था परेशान हमने बहुत उनको
सोचा की आज जब मिलेंगे उनसे तो कर देंगे अपनी और उनकी मुस्कुराहट वापिस उनको

हम ये बतलाना चाहते हैं उनको की नही करते हम परेशान उनके लिए
वो तो बस आप ही हैं इस दुनिया में जिसे बतला सकते दिल का आलम आपके लिए